धरती के आर पार सुरंग 😲 Tunnel Through The Earth

Tunnel Through The Earth, मतलब धरती के आर पार एक सुरंग। सोचो, अगर पृथ्वी के आर पर एक सुरंग कर दी जाये और उसमे कोई वस्तु फेंक दी जाये या कोई गिर जाये तो क्या होगा? कभी न कभी हमारे दिमाग में ऐसे अजीबो ग़रीब सवाल आते रहते हैं। अगर हम धरती के आर पार सुरंग में कोई वस्तु फेकेंगे तो क्या वो दूसरे सिरे से सीधे अंतरिक्ष मे जाएगी?

तो ज्यादा मत सोचिये मैंने इस पोस्ट में इसके बारे में बताने वाला हूँ की अगर आप उस Tunnel Through The Earth में गिर जाएँ या कोई वस्तु फेंक देते हैं तो क्या होगा? सच बताऊं? यह एक बहुत रोचक स्तिथि होगी। अच्छे से समझने के लिए सुरंग के भीतर वास्तु की अलग अलग अवस्थाओं के बारे बात करते हैं। आखिर उस वस्तु के साथ क्या होने वाला है?

Tunnel through the earth पृथ्वी के आर पर एक सुरंग

अच्छे से समझने के लिए सबसे पहले वस्तु की सुरंग [tunnel through the earth] के एक सिरे से दूसरे सिरे तक की गति को तीन भागों में बाँट लेते हैं।

  • 1. वस्तु की सुरंग के पहले सिरे से केंद्र की ओर गति
  • 2. जब वस्तु ठीक पृथ्वी के केंद्र पर पहुँचती है
  • 3. वस्तु की केंद्र से सुरंग के दूसरे सिरे की ओर गति

आगे बढ़ने से पहले पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में कुछ Fact पर मैं प्रकाश डालना चाहूंगा। अगर आप Science Student हैं तो हो सकता है आपको पहले से मालूम हो।

  • पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी की सतह पर सबसे ज्यादा प्रभावी होता है।
  • पृथ्वी के केंद्र की तरफ जाने पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव कम होता है।
  • पृथ्वी के ठीक केंद्र पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव शून्य हो जाता है।

1. वस्तु की सुरंग के पहले सिरे से केंद्र की ओर गति

जब कोई वस्तु उस tunnel through the earth [सुरंग] में फेंकी जाएगी तो वह लगातार पृथ्वी के केंद्र की ओर गति करती है। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल उसे अपने केन्द्र की तरफ़ खींचता है। चूंकि यह बल वस्तु की गति की दिशा में है जैसे कोई वस्तु आसमान से हम सतह पर गिराते हैं ठीक उसी प्रकार। इससे लगातार वस्तु की Speed या वेग में वृद्धि होती जायेगी।

लेकिन हमें पता है कि जैसे जैसे हम पृथ्वी के भीतर जाते हैं, गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में कमी आती है तो वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल धीरे धीरे काम होता जायेगा और जब वस्तु ठीक केंद्र पर पहुंचती है तो उस पर गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव शून्य होगा।

2. जब वस्तु ठीक पृथ्वी के केंद्र पर पहुँचती है

इस वक्त वस्तु अपनी अधिकतम speed से गति कर रही होगी लेकिन ठीक केंद्र पर पहुँचने पर उसपर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल शून्य होगा। लेकिन वस्तु में गतिज ऊर्जा निहित है अतः वस्तु के संवेग के कारण वह वस्तु शून्य ग्रेविटी में भी tunnel through the earth के दूसरे सिरे की तरफ गति करना शुरू करेगी।

3. वस्तु की केंद्र से सुरंग के दूसरे सिरे की ओर गति

गतिमान वस्तु अब जैसे जैसे पृथ्वी के केन्द्र से दूर जाएगी उस पर कार्यरत गुरुत्वाकर्षण बल में वृद्धि होगी।  अब यह बल वस्तु पर उसकी गति की दिशा के विपरीत कार्यरत होगा इसलिए वस्तु का वेग धीरे धीरे कम होता जाएगा। पृथ्वी की सतह या tunnel through the earth के ठीक दूसरे सिरे पर पर पहुंचने पर गुरुत्वाकर्षण बल सबसे अधिक होगा और वस्तु का वेग शून्य हो जाएगा।

Simple harmonic motion in a tunnel through the earth

लेकिन तुरंत ही यहाँ दोबारा से वस्तु पर पृथ्वी के केन्द्र की ओर गुरुत्वाकर्षण बल कार्यरत होगा और वह फिर से केंद्र की ओर गति करने लगेगी। अगर सुरंग में वस्तु के टकराने और हवा के प्रभाव को नगण्य मान लिया जाये तो यह प्रक्रिया बार बार होती रहेगी और वस्तु उस सुरंग या छिद्र में सरल दोलन गति [Simple harmonic motion in a tunnel through the earth] करती रहेगी।

अब विकिपीडिया पर Gravity Train के बारे में पढ़ो अच्छा समझ आएगा।

तो इस प्रकार मैंने बता दिया कि tunnel through the earth में कोई वस्तु गिर जाये तो क्या होगा और सुरंग में गिरने के बाद वस्तु की गति simple harmonic motion में क्यों होती है? पृथ्वी के भीतर जाने पर गुरुत्वाकर्षण के बल पल पर क्या प्रभाव पड़ता है? इस जब चीजों के बारे में हमने इस पोस्ट में पढ़ा है। अगर आपका कोई सवाल है तो मुझे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं। धन्यवाद।

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